बीसी पब्लिक सर्विस में इंडीजिनस और नस्लीकृत कर्मचारियों के करियर परिवर्तन को समझना

स्वदेशी कर्मचारियों के संबंध में, शोध दल ने पाया:

  • संगठन के बाहर से नियुक्त किए गए कर्मचारियों के प्रतिशत में कमी (5.8 प्रतिशत से घटकर 4.7 प्रतिशत)। अस्थायी पदों से स्थायी पदों में परिवर्तन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा गया।
  • प्रतिस्पर्धी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से किसी अन्य मंत्रालय में पदोन्नत किए गए कर्मचारियों के प्रतिशत में वृद्धि (3.4 प्रतिशत से बढ़कर 4.8 प्रतिशत), हालांकि अपने वर्तमान मंत्रालय के भीतर पदोन्नत किए गए कर्मचारियों के लिए कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं देखा गया।
  • संगठन छोड़ने वाले मूल निवासी कर्मचारियों का प्रतिशत रिपोर्टिंग अवधियों के दौरान अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा (2020 में 6.4 प्रतिशत, 2022 में 5.9 प्रतिशत और 2024 में 5.8 प्रतिशत)।

ये निष्कर्ष दर्शाते हैं कि बीसी पब्लिक सर्विस में मूल निवासियों के शामिल होने या स्थायी कर्मचारी बनने के मार्ग में प्रणालीगत बाधाएँ अब भी मौजूद हैं। इन प्रवृत्तियों को समझने के लिए आगे और अनुसंधान की आवश्यकता है, जिसमें यह भी शामिल हो कि नियुक्ति प्रक्रियाएँ, सांस्कृतिक सुरक्षा तथा अन्य प्रणालीगत कारक मूल निवासी समुदायों के लिए रोजगार तक समान पहुँच को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं।


2020 से 2024 तक बीसी पब्लिक सर्विस के बाहर से नियुक्त किए गए मूल निवासी कर्मचारी

2020 से 2024 तक किसी अन्य मंत्रालय में पदोन्नत किए गए मूल निवासी कर्मचारी

2020 से 2024 तक बीसी पब्लिक सर्विस छोड़ने वाले मूल निवासी कर्मचारी

यह विश्लेषण उन नव-नियुक्त कर्मचारियों के डेटा का उपयोग करता है जिन्होंने स्वेच्छा से अपनी पहचान संबंधी जानकारी साझा की थी।

यह विश्लेषण उन कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से साझा की गई पहचान संबंधी जानकारी का उपयोग करता है, जिन्होंने प्रतिस्पर्धी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से किसी अन्य मंत्रालय में नई भूमिका हेतु पदोन्नति प्राप्त की थी।

यह विश्लेषण उन कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से साझा की गई पहचान संबंधी जानकारी का उपयोग करता है, जिन्होंने बीसी पब्लिक सर्विस छोड़ी थी।

नस्लीकृत कर्मचारियों के संबंध में, शोध दल ने पाया:

  • संगठन के बाहर से नियुक्त कर्मचारियों के प्रतिशत (26.8 प्रतिशत से बढ़कर 36.2 प्रतिशत) तथा अस्थायी पदों से स्थायी पदों में परिवर्तित होने वाले कर्मचारियों के प्रतिशत (24 प्रतिशत से बढ़कर 30.1 प्रतिशत) — दोनों में वृद्धि।
  • प्रतिस्पर्धी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से पदोन्नति प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के प्रतिशत में पूरे संगठन में वृद्धि देखी गई- चाहे वह उसी मंत्रालय के भीतर हो (18.8 प्रतिशत से बढ़कर 22.5 प्रतिशत) या किसी अन्य मंत्रालय में स्थानांतरण के रूप में (23.8 प्रतिशत से बढ़कर 28 प्रतिशत)।
  • संगठन छोड़ने वाले कर्मचारियों के प्रतिशत में वृद्धि (20.4 प्रतिशत से बढ़कर 22.7 प्रतिशत)।

यद्यपि ये निष्कर्ष रिपोर्टिंग अवधियों के दौरान नियुक्तियों और पदोन्नतियों में वृद्धि को दर्शाते हैं, फिर भी यह समझने के लिए आगे और अनुसंधान की आवश्यकता है कि कार्यस्थल के अनुभव, करियर विकास के अवसर तथा प्रणालीगत परिस्थितियाँ नस्लीकृत कर्मचारियों के प्रतिधारण और उन्नति को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं।


2020 से 2024 तक बीसी पब्लिक सर्विस के बाहर से नियुक्त किए गए नस्लीकृत कर्मचारी

2020 से 2024 तक अस्थायी पदों से स्थायी पदों में परिवर्तित हुए नस्लीकृत कर्मचारी

2020 से 2024 तक बीसी पब्लिक सर्विस छोड़ने वाले नस्लीकृत कर्मचारी

यह विश्लेषण उन नव-नियुक्त कर्मचारियों के डेटा का उपयोग करता है जिन्होंने स्वेच्छा से अपनी पहचान संबंधी जानकारी साझा की थी।

यह विश्लेषण उन कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से साझा की गई पहचान-संबंधी जानकारी का उपयोग करता है, जो बीसी पब्लिक सर्विस में एक अस्थायी (सहायक) पद से स्थायी भूमिका में स्थानांतरित हुए हैं।

यह विश्लेषण उन कर्मचारियों द्वारा स्वेच्छा से साझा की गई पहचान संबंधी जानकारी का उपयोग करता है, जिन्होंने बीसी पब्लिक सर्विस छोड़ी थी।

डेटा की सीमाएं

यह विश्लेषण उन कर्मचारियों पर विचार करता है जिन्होंने अपनी पहचान संबंधी जानकारी साझा की थी तथा कुछ विशिष्ट भूमिकाओं या परिवर्तन के प्रकारों का अध्ययन करता है। इसमें उन कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है जिन्होंने अपनी पहचान संबंधी जानकारी प्रदान न करने का विकल्प चुना, या जो संगठन में किसी अस्थायी नियुक्ति अथवा समान स्तर के पद पर स्थानांतरित हुए थे।

यह अनुसंधान पृथक (disaggregated) या भेद-आधारित (distinctions-based) विश्लेषण प्रस्तुत नहीं करता, क्योंकि शोध दल द्वारा उपयोग किए गए डेटा में कर्मचारियों को केवल स्वदेशी या नस्लीकृत श्रेणियों में समूहित किया गया है। इससे यह समझना चुनौतीपूर्ण हो जाता है कि बीसी पब्लिक सर्विस के भीतर प्रणालीगत बाधाएँ विभिन्न जनसांख्यिकीय समूहों को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं।

अगले कदम

इन निष्कर्षों को संबोधित करने हेतु, PSA बीसी पब्लिक सर्विस में कार्यस्थल अनुभवों को प्रभावित करने वाली प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा अनुसंधान को जारी रखने पर ध्यान केंद्रित करेगा। आगामी कार्यों में शामिल हैं:

  • अनुसंधान को जारी रखना, जिसमें गुणात्मक अध्ययन तथा अधिक विस्तृत, भेद-आधारित दृष्टिकोण अपनाना शामिल है, ताकि यह बेहतर समझा जा सके कि मूल निवासी और नस्लीकृत कर्मचारी किन क्षेत्रों में बाधाओं का अनुभव करते हैं।
  • करियर विकास और कर्मचारी प्रतिधारण संबंधी प्रक्रियाओं की समीक्षा करना तथा ऐसे सरल उपकरण विकसित करना, जो यह पहचानने में सहायता करें कि किन क्षेत्रों में परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है।
  • सरकार के विभिन्न विभागों में समानता-केंद्रित प्रक्रियाओं को अधिक निरंतरता के साथ लागू करने हेतु चल रहे कार्यों का समर्थन करना।

भविष्य के अनुसंधान में नस्ल-आधारित और भेद-आधारित डेटा के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि यह विश्लेषण किया जा सके कि संगठन के भीतर प्रणालीगत बाधाएं विशिष्ट कर्मचारी समूहों को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं। इसमें सहभागिता प्रक्रियाएँ भी शामिल होंगी, ताकि सरकार में कार्यरत मूल निवासियों और नस्लीकृत कर्मचारियों के अनुभवों को अधिक विस्तृत रूप से समझा जा सके।